काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY

तुमने जो मेरी साधना करने का संकल्प लिया

है यानी कि मेरे मंत्र जाप को करने का तुम

उसे जारी रखो और जिस दिन तुम्हारी सोची

हुई संख्या पूरी हो जाएगी ना उस दिन तुम

मेरे मंदिर आना मेरे दर्शन करना हो सके तो

मुझे नायल चढ़ाना इसके अलावा तुम्ह किसी

और चीज को करने की कोई जरूरत नहीं है

क्योंकि मुझे पता है इस वक्त तुम सारी

चीजों की व्यवस्था नहीं कर सकते इस वक्त

तुम यहां तक की हवन करने के

सबसे सही इंसान कौन है जो तुम्ह यह सब

करवा दे इसका भी तुम्ह ज्ञात नहीं है और

तुम यह साधना गुप्त ही रखना चाहते हो

इसलिए यही तरीका सबसे उत्तम

है तुम्हारे घर पर कुछ गतिविधिया अलग हो

रही है ना वो कोई बाहरी इंसान आकर नहीं

करके जा रहा है व तो मैं तुम्ह यह दिखाना

चाह रही हूं कि जो नकारात्मकता तुम्हारे

घर पर भेजी गई है वो तुम्हारा कुछ बिगाड़

नहीं पा रही है उसे मेरा सामना करना पड़

रहा है और व पर शन हो जा रही है पर वो कुछ

नहीं बिगाड़ पा रही है तुम लोगों का मेरे

रहते मैं तो उस तरह से तुम्ह अपनी मौजूदगी

का बता रही

हूं जो कन्याए होती है ना उनका भोजन समय

समय पर कराते हो वो तो बहुत अच्छी बात है

और इस बार भी जरूर करवाना लेकिन अगर कोई

कन्या तुमसे कुछ मांगे तो कोशिश करो उसकी

वो इच्छा पूरी कर देने की क्योंकि वो जो

मांग रही है ना वो वो कन्या नहीं मांग रही

है वो उसके उस अवस्था में प्रवेश कर जाती

हूं और वो जो तुम मुसे लाकर देते हो ना वो

तुम मुझे चढ़ाते हो बात यहां पर ये है तो

मैं उस कन्या के रूप में तुमसे कुछ मांग

रही हूं उसे तुम जरूर पूरी करना और जब तुम

मेरे दरवाजे आओगे ना मेरे मंदिर आओगे तो

तुम्हारा स्वागत करने एक छोटी सी बालिका

के वेश में मैं

आऊंगी और इस बार यह तय है कि मैं आने वाली

हूं तुम्हारा मनोबल और बढ़ाने के लिए मैं

तुम्हें अपने दर्शन भी करवाऊंगी

इस बार सब कुछ बहुत अच्छा होगा तुम अपने

दुश्मनों से जरा भी घबराओ मत मैंने अपने

तरीके से एक ऐसा निवारण कर दिया है कि वो

सब शांत हो जाएंगे तुम्हें परेशान होने की

जरूरत नहीं है किसी का बुरा मत करो किसी

का बुरा मत चा हो जो भी है तुम्हारे मन

में सब मेरे समक्ष खोल कर रख दो और फिर

विश्वास रखो कि तुम्हारी यह भवानी

तुम्हारा गलत कभी नहीं होने

देगी कुछ लोगों ने बिना कुछ किए बस अपनी

मुंह से अपनी जुबान से अपने शब्दों से

तुम्हारा दिल बहुत बड़ा है बहुत दुखाया है

और सच तो यहां पर ये भी है ना कि वो जो

उनके जुबान है जो उनके शब्द है वो मेरे

दिए गए शब्द है जब मैं सरस्वती का रूप

धारण करती हूं तभी उन्हें वो शब्द मिलते

हैं मुझे नहीं पता था कि इस तरह से उसका

दुरुपयोग किया जाएगा वो भी मेरे ही भक्त

के लिए जिसने तुम्हारा दिल तोड़ा है जिसने

तुम्हारा दिल दुखाया

है उस इंसान को उसके कर्म के फल वापस

मिलेंगे तुम देख लेना अगले हफ्ते मिलेंगे

तुम्हारे सामने मिलेगा जो इतने सालों से

सुनवाई नहीं हुई है जो इतने सालों का

इंसाफ है ना वो मिल जाएगा तुम देख लेना

लेकिन तुमसे भी कुछ गलतियां होती है तुम

किसी और के बात किसी और के पीठ पीछे करते

हो बस इस आदत को सुधार लो इस तरह से बात

नहीं करना है तुम मुझे पता है तुमने अपने

आप को बहुत सुधारा है पर अभी थोड़ा और

सुधार करना बाकी है

ताकि आगे भविष्य में तुम्हें कभी

कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े पीठ पीछे

किसी की बात मत करो क्योंकि तुम मेरी

आराधना करते हो तो इतनी हिम्मत रखो कि

सामने सामने जाकर बोलो जो बोलना है सामने

से बोलो तो फिर कुछ बुरा होगा ही नहीं यह

मैं तुम्हें कहती हूं सामने सामने बात

करोगे ना तो सारी बात बन जाएगी कुछ नहीं

बिगड़ेगा इतनी हिम्मत रखो और सामने से बात

कर लिया करो जो बुरा लगा है वो कहो और जो

बुरा तुमसे हुआ है उसका माफी भी मांग लो

यह आदत डाल लो आज से अभी से ये प्राण ले

लो अपनी माता रानी की इतनी बात

मानो मेरे

स्वरूप का तुम्ह दर्शन हुआ है और मेरे उ

होने पर जो मेरा स्वरूप होता है ना उसका

दर्शन तुम कैसे करोगे वह तुम्हारे संपर्क

में आए हुए लोग

करते जब तुम उग्र होते हो ना तो व रूप

तुम्हारा नहीं मेरा होता है जब तुम गलत के

खिलाफ जोर से आवाज उठाते हो तो व तुम्हारा

नहीं व मेरा रूप होता है उसके दर्शन और ने

किए डरते हैं वो

तुम उस माध्यम से तुमने भी दर्शन करा है

क्योंकि तुम खुद आश्चर्य मेंे हो कई बार

कि तुम ऐसा कैसे भूल गए तुम्हारा स्वभाव

तो ऐसा नहीं था वो तुम्हारा था ही नहीं वो

मैं प्रवेश करके मैंने कहा है तो तुम मेरे

उस तरह से दर्शन कर चुके हो मेरे उग्र

स्वरूप का भी रही मेरे शम्य स्वरूप की बात

तो उसके समय समय पर तुम्ह स्वप्न दर्शन

मिलते रहेंगे केवल हिम्मत रखकर आगे बढ़ते

जाओ बहुत अच्छा होगा इस बार सब कुछ बहुत

अच्छा होगा तुम्हारे मन के हिसाब से होगा

उम्मीद रखना छोड़ दो पूरी दुनिया से सिर्फ

मुझसे मेरी चरणों पर उम्मीद रखो तो सब कुछ

अच्छा होगा इस बार जब नवरात्रि आएंगे ना

उसके पहले अपने लिए अपने पांव के लिए तुम

पायल खरीदना मैं ऐसा मौका दूंगी कि

तुम्हें पायल खरीदने का मौका मिले केवल

मना मत करना पायल खरीदना मुझे उन घुंघर की

ध्वनि बहुत पसंद है तुम अपने पाव में पायल

धारण करना और वही पहनकर मेरी पूजा पाठ के

लिए आना मुझे बहुत अच्छा लगेगा खुश

रहो

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