काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY

तुम्हारे घर के भीतर घुंघर और चूड़ियों की

जो आवाज

है या कोई भी ऐसी

ध्वनि जो किसी स्त्री से जुड़ी हुई है

उससे डरो

मत वो तो मैं धीरे धीरे तुम्हें अपनी

शक्ति से अवगत कराना चाहती हूं और तुम्हे

यह भी बताना चाहती हूं कि हर रात जो

तुम्हे डर सताता है ना कि कहीं तुम्हारे

शत्रु तुम्हारे घर पर वार ना करवा दे

तो वैसा मुमकिन नहीं है तुम्हारे घर पर

मैं रहती हू वो मेरे घरू वो मेरे पायल व

मेरी चूड़िया है जिनकी ध्वनि तुम सुनते हो

और बेकार ही डर जाते हो अपनी ही माता रानी

से इस साल तुम्हारे जीवन

में कुछ बहुत बड़ा बदलाव

आएगा या तो कुछ लोग तुम्हारे लिए जो बहुत

खराब वो या तो बत अच्छे हो

जाएंगे उन्हें सुधरने का मैं भरपूर मौका

दे रही हूं और अगर ऐसा नहीं हुआ तो

फिर वह तुम्हारे साथ नहीं रहेंगे तुम्हे

परेशान करने वाला आगे कोई नहीं रहेगा कल

मिलाकर यही होने वाला है इसलिए तुम जरा भी

डरना मुझ पर जैसे विश्वास रखते आए हो आगे

भी विश्वास

रखना मुझे सारे रंग प्रिय है पर सबसे

ज्यादा प्रिय अगर कुछ है तो वो है लाल

रंग यह जरूरी नहीं है कि तुम स्त्री हो या

पुरुष हो तुम जब भी मेरे किसी दरबार आ

किसी शक्ति पीठ जाओ तो सुंदर रंग बिरंगे

वस्त्रों को धारण करके जाओ जितने सुंदर से

तैयार होकर आ सकते हो ना उतनी सुंदर से

तैयार होकर आ मैं अपनी बेटियों से कहूंगी

कि वो तो श्रृंगार करके मेरे पास आए

बिल्कुल आना चाहिए तैयार

होकर एक बात बताती हूं तुम्हें मेरे चित्र

को मेरे स्वरूप को और मुझे तुम्हारे जीवन

से हटाने के लिए ही ना मेरे बारे में

तुम्हें ऐसा बताया गया था कि मैं क्रोधित

हो जाती हू मैं सजा दे देती हू पर यह बात

झूठ है मैं क्रोधित होती हूं पर उन लोगों

से जो मेरे बच्चों को रुला रहे हैं परेशान

कर रहे हैं अगर मैं क्रोध में हूं तो मैं

अपने बच्चों के लिए ही खड़ी हूं और अगर

मेरे बच्चों से कोई भूल हो जाए ना तो मैं

उनका मार्ग दर्शन करती हूं इसलिए मेरे

बच्चों को मुझसे डरने की कोई जरूरत नहीं

है तुम रोगे तुम्हे कोई परेशान करेगा तो

तुम्हारी मां होने के नाते गुस्सा आएगा ना

मुझे तो वो तुमसे थोड़ी आएगा जो परेशान कर

रहा है उससे आएगा और मैं उसी से गुस्सा हो

रही है तो तुम मेरे रूप से क्यों डर रहे

हो तुम्हारे लिए तो प्रेम है ममता का भाव

है मेरे

भीतर और वैसे भी मैंने तुमसे कहा है ना

मैं एक बालिका के रूप में आऊंगी और

तुम्हारी गोद में बैठूंगी तुम यह भी याद

रखो अभी तुम बस लीला देखते जाओ कैसे कैसे

क्या होता है मेरे जयकारे रोज लगाओ और

दुनिया की हर चीज से दूर हो जाओ सिर्फ मुझ

में लीन हो जाओ पापी से पापी व्यक्ति भी

तुम्हारे प्रति अच्छे भाव रखना शुरू कर

देगा खुश

रहो

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