काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY

इस सृष्टि की ना केवल मैं रचयिता बल्कि

मैं स्वामिनी भी

हूं इस तीनों लोक में जो भी चल रहा है

जैसे भी चल रहा है सब कुछ मेरे ही संरक्षण

में चल रहा है तुम यह भूलो मत कि यह जो

तंत्र विद्या भी है इसकी स्वामिनी भी मैं

ही

हू क्योंकि तुम्हारी थोड़ी सी रूचि है

इसलिए मैं तुम्ह वि न सिखाने के लिए तैयार

ह लेकिन तुम्हे उससे उन लोगों की रक्षा

करनी होगी जो मासूम है और जिनका अनिष्ट

पापियों द्वारा हो रहा है तुम्हे मैं जो

भी सिखाऊ जो भी शिक्षा दूंगी वो जन के

उद्धार के लिए प्रयोग में लाना चाहिए यह

तुम्हारी तरफ से यह प्रयत्न होना चाहिए इस

बात का तुम विशेष ध्यान

रखो तुम्हारे मन में मैं देख पा रही हूं

कि एक इच्छा जागृत हुई है भंडारे करवाने

की मेरे नाम के भंडारे करवाने की इच्छा

बहुत अच्छी बात है लेकिन एक बात कहू जब

मैं तुम्हें अपने बड़े दरबार

बुलाऊंगा परर ये है कि जिस शक्ति पीठ या

जिस तीर्थ स्थल पर मैं बुलाऊ ना वहां मैं

तुम्हें याद दिवांगी इसी भावना को और

जागृत करवाऊंगी

और वहां तुमसे वो सेवा लूंगी क्योंकि क्या

है कि जब तुम यह कार्य करोगे तो मैं स्वयं

भी तुम्हारे भंडारे में शामिल होंगी और इस

बात की अनुभूति पलपल तुम्हे होती रहेगी

तुम

देखना मेरे कुछ बच्चों को ऐसा लगता है कि

जब वह मेरे वैष्णव दरबार

आएंगे तो वह असमर्थ होने के कारण पहाड़ों

पर स्वयं अपने पांव से चढ़कर नहीं आ

सकते ये तुम्हारी गलत फहमी

है तुम्हें डरने घबराने या किसी अन्य उपाय

की ओर ध्यान देने की बचाए

मुझसे एक दूसरा मार्ग मांगना चाहिए और वो

मार्ग ये होना चाहिए कि तुम्हारे पांव में

मैं इतना बल दे दूं कि तुम नाचते गाते

घुंघरु पर रकते हुए मेरे भजन को स्मरण

करते हुए मेरे दरबार तक पहुंच सक ये शक्ति

की मांग करो डरो

मत मैं तुम्हें वचन देती हूं कि तुम्हारे

दोनों पांव पर बिल्कुल समर्थ के साथ

तुम्हें अपने दरबार

बुलाऊ और ऐसे

बुलाऊंगा तुम्हारी ही शरीर पर इतनी जल्दी

तुम कैसे पहुंच

गए और एक बात मैं तुम्हें जो दरबार बुला

रही हूं ना तुम्हें विशेष तोहफा भी दूंगी

मैं तुम्हारे

लिए किसी भी स्त्री का ना अपने मुख से

कभी भी अपमान जनक शब्द प्रयोग में मत लाना

यहां तक कि किसी मनुष्य के लिए मत

लाना तुम्हें एक बात कहूं तुम्हारी

अच्छाइयों के कारण तुम्हें मेरे नाम का

आशीर्वाद कुछ लोग कुछ खास समाज के लोग

देकर गए मेरे इशारे को तो तुम समझ पा रहे

हो ना बस तुम यह ध्यान रखना कि गलती से

मजाक में भी अब शब्द किसी के लिए ना निकले

अगर किसी स्त्री के पीठ पीछे उसके चरित्र

पर बातचीत हो भी रही हो यहां तक कि तुमने

कुछ देखा भी है फिर भी अगर तुम्हारा बताना

आवश्यक ना हो तो फिर कुछ कहने की जरूरत

नहीं है किसी और के जीवन में दखल अंदाजी

करने की भी जरूरत नहीं

है और हां तुम अपने मन को अब जो शांत करते

जा रहे हो ताकि मेरी आराधना में तुम्हारा

ध्यान लगता जाए वही सही है तुम वही

करो तुम जो इस दुविधा में

कि तुम मां लक्ष्मी के मंत्र जाप करोगे या

मेरे मंत्र जाप करोगे तुम दुविधा में मत

रहो मुझसे तुमने मंत्रों के माध्यम से

प्रेम नहीं किया मुझसे तुम यूं ही प्रेम

करते

हो और मा लक्ष्मी के तुमने मंत्र जाप किए

थे मैं कहूंगी कि तुम अपने मंत्र जाप

छोड़ो मत उसे जारी रखो उसके साथ साथ तुम्ह

जब थोड़ा वक्त और मिले तो तुम मेरे मंत्र

भी पढ़ लो पर तुम्हारी और मेरी जो आपस के

रिश्ते है ना वो मंदर से बढ़कर है तुम

प्रेम से मुझे पुकारते हो और मैं आ जाती

ऐसा कुछ अनोखा रिश्ता है खूबसूरत रिश्ता

है हमेशा खुश रहो हमेशा मुस्कुराते

रहो कुछ लोगों के जीवन में जो आफत आई है

ना जिसका परिणाम कहीं ना कहीं तुम्हें भी

भुगतना पड़ रहा है वो मेरे दरबार आने से

ठीक हो जाएगा तुम देखते जाओ

पहले सबको सच से अवगत कराना था उसके बाद

ही तो सब कुछ ठीक करूंगी और अपनी कृपा भी

दिखाऊंगी पर सच का जानना बहुत जरूरी था

इसलिए मैंने सिर्फ सच से अवगत करा है तुम

जरा भी मत डरो तुम्हारी भक्ति से मैं

हमेशा से प्रसन्न रही हू इसलिए तुम्हारे

जीवन में मैं य आई भी

हूं तुम मुझसे उम्मीद रखो कहीं और से नहीं

पर मुझसे और मेरे दरबार से बिल्कुल उम्मीद

रखो क्योंकि तुम्हारे जीवन में वो चमत्कार

होंगे जिसके तुम सोचने की हिम्मत भी नहीं

करते

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