काली माँ का संदेश || - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश ||

तुम्हारे चमड़ो में जो तकलीफ उत्पन्न हुई

है ना वो मेरे ही जल प्रसाद से बिल्कुल

ठीक हो जाएगी तुम अबकी बार मेरे मंदिर

आओगे ना तो बिना मांगे तुम्हारे हाथ में ई

रखकर चला जाएगा वो जल प्रसाद उसे तुम

थोड़ा सा ग्रहण करना और फिर देखना जो

समस्या दवाइयों से ठीक नहीं हो रही ना वो

मेरे जल प्रशाद से ठीक हो

जाएगी और मैं ये देख पा रही हूं मैं ये

पढ़ पा रही हूं कि मन में बहुत सी चिंताएं

उठ रही है तुम्हारी भविष्य को लेकर चिंता

तो होती ही रहती है साथ ही साथ वर्तमान को

लेकर एक राशा के बादल तुम्हारे दिल में

तुम्हारे जीवन में क्यों छाए हुए जब मेरी

कृपा है तो तुम रो मत रोने की जरूरत नहीं

है तुम अपनी इच्छाओं को पूरी कर पाओगे कह

तो रही हूं मैं सिर्फ अपनी इच्छाओं को ही

पूरी नहीं कर पाओगे अपने खर्च को ही नहीं

ढो पाओगे बल्कि अपने साथ-साथ अपने परिवार

को भी वो खुशी दे पाओगे जिसका तुम्हें

इतजार था इसके लिए तुम्हें चिंता करने की

जरूरत नहीं है और जब तुम अपने परिवार को

तीर्थ कराओ ग ना तो सबसे पहले मेरे पास

आना काशी जाना और फिर जहां तुम्हें जाना

तुम वहां जाना लेकिन मेरे मंदिर आते जाते

रहा करो तुम्हें भी अच्छा लगेगा और मुझे

अपने पुत्र पुत्रियों को अपने समक्ष देखकर

बहुत खुशी मिलती है और एक बात सुन जब कोई

खास दिन रहा करे ना या छुट्टी है जिस दिन

तुम मेरी पूजा करने आ सकते हो तो उस दिन

फूल की माला मुझे जरूर चढ़ाया करो मुझे

अपराजिता भी बहुत पसंद है तुम उसकी माला

भी मुझे चढ़ा सकते

हो एक बात का ध्यान रखना मैं तुम्हारे

जीवन में किसी ना किसी स्त्री के रूप में

आऊंगी और मैं जब आऊंगी तो तुम मुझे नहीं

पहचान पाओगे बाद में तुम्हें उस बात का

एहसास होगा और मेरे स्वप्न दर्शन तुम्हारे

उस एहसास को और भी सही

बता देंगे वो संकेत मिल जाएगा तुम इसलिए

तुम्हारे जीवन में कोई भी स्त्री या कोई

भी पुरुष किसी के साथ बुरा बर्ताव मत करना

जिससे भी बात करना शांति से बात करना

क्योंकि मैं किसी के भी रूप में तुम्हारे

पास

आऊंगी मुझे तुम्हारे पास इसलिए आना है

क्योंकि मुझे तुम्हारे सर पर हाथ रखकर

आशीर्वाद देना है और मैं व काम करने जरूर

आऊंगी खुश

रहो

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