काली माँ का संदेश || - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश ||

तुम्हें ना अब जो लोग तुम्हारे जीवन से

बाहर निकल गए हैं उनके बाहर चले जाने का

दुख बिल्कुल नहीं मनाना चाहिए क्योंकि

तुमने ही मुझसे प्रार्थना किया था कि बिना

कुछ बोले ही खुद

बखुदा महसूस हो तो कुछ भी मत करने जाना

किसी के आगे तुम्हें गिड़गिड़ा की जरूरत

नहीं है सिर्फ एक ही काम करना तुम काली

चालिसा उठाना और उसे पढ़ना शुरू करना तुम

बस मेरी चालिसा को मन लगाकर पढ़ो और तुम

देखो तुम्हारे रास्ते अपने आप निकलते चले

जाएंगे तुमने ना कभी किसी के लिए गलत सोचा

है कहा है और ना कभी कोई गलत तरह की विधि

विधान किए है तो तुम्हें डरने की कोई

जरूरत नहीं है और तुम्हें मन में दुख

पालने की भी जरूरत नहीं है एक बात आज मैं

तुम्हे कह रही हूं ना तुम याद रखना ये आज

नहीं एक डेढ़ साल के बाद तुम्हारे जीवन

में घटित होगा जो तुम्हारे पीछे पड़े हुए

हैं ना जिन लोगों ने बहुत बुरी तरह से

तुम्हारा अनादर करके अपने जीवन से बाहर

निकालने की कोशिश की है वो तुम्हारे ना

पाव पर आकर गिर कर तुमसे माफी भी मांगेंगे

और वो ये चाहेंगे कि दोबारा वो तुम्हारे

जीवन में शामिल हो तुम्हें बस इस बात का

ध्यान रखना है कि तुम्हें कभी भी किसी की

बेइज्जती नहीं करनी है वो माफी भी मांगने

आए तो माफ करो या ना करो कभी दुद काना मत

चुप रह जाना हट जाना कह देना कि माफ नहीं

कर पाओगे पर अपशब्द कभी मत कहना और इन

बातों का अहंकार भी मत मानना मैं तो

तुम्हें भविष्य की बातें इसलिए वर्तमान

में बता रही हूं ताकि तुम पूरी तरह से

तैयार रहो और सुनो तुम्हारे अंदर इतनी

शक्ति भरने जा रही हूं मैं ऐसे अनोखे

दर्शन तुम्हें देने जा रही हूं जिससे

तुम्हारे नजरों से पूरी दुनिया मेरे दर्शन

करेगी तुम्हें मेरे लिए बहुत बड़े-बड़े

काम करने हैं तो अब ये निश्चित है कि

तुम्हें कुछ लोगों को कुछ चीजों को अब हटा

हो मेरे लिए वक्त निकालना होगा तो यह जो

हट रहा है ना वो मेरे लिए हो रहा है मेरी

कारण हो रहा है क्योंकि तुमसे मैं बहुत

बहुत बड़ी सेवा लेने वाली हू मैं तुमसे

सिर्फ श्रृंगार करवाने तक ही नहीं बल्कि

तुम्हारे माध्यम से जब मेरे मंदिर का

निर्माण होगा और वहां मैं विराजित हो

जाऊंगी उसके पश्चात एक एक काम की

जिम्मेदारी भी तुम्हें देने वाली और वो

मंदिर यूंही नहीं

बनेगा तुम्हारे अनेक शुभ कर्मों से और

मेरे अत्यंत आशीर्वाद से बनेगा और वो

आशीर्वाद तु किस्मत में मिल सके इसलिए ही

तो अभी से मैं तुम्हें धीरे-धीरे तैयार

करती जा रही हूं और मुझे पता है कि तुम जो

भी मेरे लिए कर रहे हो वो तुम अपने दम पर

जिम्मेदारी उठाना चाह रहे हो किसी और के

ऊपर तुम कुछ नहीं करना चाह रहे क्योंकि

तुम्हारे परिवार के सभी सदस्य उस कार्य को

पूरी तरह निर्वाह कर पाएंगे या नहीं इस पर

तुम्हे शक है लेकिन मैं तुमसे एक बात कह

रही हूं कि मैं स्व इच्छा से प्रसन्न होकर

तुम्हारे से सेवा ले रही हूं तुम्हें

प्रेम दे रही हूं तो तुम्हें डरने की कोई

जरूरत

मुझे तो किसी खाना पीना किसी भोग की जरूरत

नहीं है लेकिन तुम्हारे भक्ति से लगे हुए

भोग की जरूरत है मुझे और बस वही लेने के

लिए मैं आ रही हूं तुम्हारे भक्ति से भरा

नमस्कार तुम दुनिया में कहीं पर बैठकर

करते हो ना किसी भी वक्त करते हो मैं बस

वो स्वीकार करती हूं और मुझे किसी चीज की

जरूरत नहीं तुमने जो भी एक दो दिन पहले

अपने स्वन में देखा है ना वो गलत नहीं है

वो सही ही है एक तरह से लेकिन वो पूरी तरह

से सही होने दूंगी क्योंकि मुझे पता है

तुम उसके कारण चिंता हो रही है चिंता जनक

कोई बात नहीं होगी आपसी सुला हो जाएगी

चिंता मत करो

खुश

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