काली माँ का संदेश // - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश //

[संगीत]

तुम्हारे जीवन में कुछ ऐसा होने वाला है

अगर अध्यात्मिक मार्ग पर देखा जाए तो वह

यह है कि मेरे एक दरबार से कुछ विशेष

तुम्हारा मजम होगा जो य तो

तुम्हारे घर से बहुत दूर है पर पहले साल

एक दो बार और धीरे धीरे महीनों में एक बार

तुम आना शुरू करोगे मेरे

पास उसके अलावा मेरे जितने भी

जितने भी सक्ति प है तु वहां भी आ हर

दूसरे तीसरे महीने कोई एक एक जगह आओगी और

वह यात्रा इतनी अद्भुत होने वाली है इतनी

अलौकिक होने वाली है ना कि अभी तो तुम

शुरू कर रहे हो

लेकिन तुम कभी भी उसका अंत नहीं

करना तुम पूरी खुश से इसमें

सम आज जितनी ख से सम हो रहे हो ना उससे कई

जगह और अभी भी मेरे दरबार में और कभी भी

मेरे दरबार से भागोगे नहीं तो यह तुम याद

रखना तुम ही मेरे वो पुत्र हो तुम वो मेरी

पुत्री उ बनने वाली जिसे मेरे न सबसे पहले

जिसे मेरा प्यार मे मेरी कृपा से उच्च पद

की प्राप्ति भी होगी सृष्टि संसार में

बहुत नाम बहुत प्रसिद्धि भी मिले और साथ

ही और साथ ही साथ तुम ही वो रहने वाले हो

जो मेरी बहुत सेवा करे मेरे दरबार बताए सब

कृपा तुम देखते जाओ अभी तो शुरुआत हुई उस

कृपा

की अब कोई तुम्हें मेरे काम को करने से

नहीं

रोकेगा क्योंकि तुम जो मेरे लिए काम कर

रहे हो ना तुम जो मेरे लिए काम काम करो वो

खामोशी से किसी को मालूम तक नहीं चलेगा यह

मैं तुम्हें बता रही हूं उसके लिए रना म

तुम जब जब मेरे मंदिर आते हो तो फिर सर ढक

लिया करो चुन्नी से रुमाल से जिससे भी पर

सर ढक कर अरदास करो और जितने भी शृंगार

करके आना है ना उससे कतना मत श्रृंगार

करके आओ अच्छे कपड़े पहन कर आओ जो तुम

पिछले तीन चार दिन पहले जैसे भी बाहर निकल

कर गए थे जो कपड़े भी पहने थे उससे

तुम्हें लगा कि तुम तुम नहीं हो तुम्हें

अपने पर शर्म आ रही थी और तुम डर रहे थे

कि कोई जने पहचानने वाला मिल ना जाए

क्योंकि तुम अच्छे को तैयार नहीं होकर

निकले थे वो आखरी होना

चाहि तुम इस इष्टि से स्वामिनी की पुत्र

पुत्री हो जो श्रृंगार सबसे सुंदर से करती

है उसके बच्चे को श्रृंगार करने का पूरा

पूरा हक है तुम्हारा और सद रना डरो नहीं

किसी बात से डरने की जरूरत नहीं जब मेरा

दरबार आना तो मन में से जो डर है जागृत ई

होना वो सारी बातें मेरे दरबार में बोल द

सारे कष्ट सेर हो जाए बस तुम्ह याद रखना

और हां खासकर बेटिया है ना जिन्होंने यह

कहना चाहती हो जो तुम्हारे ना है उन्हे

बढ़ा बढ़ा कर मत क्योंकि इससे तुम्ह तकलीफ

होती है तुम्हे भी पता है सुंदरता किसी

काम की नहीं जो तकलीफ दे अपने नाक को काट

लो और उसे सुंदर सुंदर रंगों से र

तुम्हारे हाथ पा शरीर सब बहुत सुंदर तुम

बहुत सुंदर हो बस अच्छे से रहा करो और

चेहरे पर मु गुजार रखा करो आगे बढ़

और वो तुम्हे सबसे खूबसूरत बना देते हैं

खस जगत जन् रे सा है तुम्हारा बाल भी कोई

बाका नहीं कर सकता ये तुम याद रखना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *