काली माँ का संदेश || - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश ||

अब जो तुम्हारी माता रानी ने तुम्हारा हाथ

थाम लिया है तो अपने विलाप को विराम दो

मैं आ तो गई हूं तुम्हारे साथ तुम्हारे

पास तुमने ना केवल मुझे महसूस किया है

बल्कि साक्षात मेरे दर्शन करे अब विलाप

करने का समय तुम्हारा नहीं है अब तो वह

समय है जब तुम्हें सूझबूझ और पूरे भक्ति

भाव से आगे बढ़ते हुए जो इतने सालों की

तपस्या तुमने करी है उसके शुभ फल को

प्राप्त करना है मुझे पता

है पारिवारिक माहौल तुम्हारा कभी कुछ ठीक

चलता है तो कभी कुछ ठीक नहीं भी चलता

है कभी-कभी उन लोगों के साथ भी तुम्हें

रहना पड़ता है जिन लोगों ने तुम्हें बहुत

तड़पाया है तुम्हारे हक को भी छीन लिया है

लेकिन फिर भी तुम अपनी तरफ से उनके लिए

यथासंभव जो भी हो सके अच्छा ही करते तुम

एक बात ये समझ लो तुम यदि किसी के लिए भी

अच्छा कर रहे हो ना तो वो सेवा सीधे मेरे

पास पहुंच रही है इसलिए तुम अपनी अच्छाई

अपनी सेवा में कभी कमी मत करना और जहां

बात तुम्हारे आत्म सम्मान की रक्षा की

होगी ना तो चाहे तुम खुद अपने मुंह से

किसी को कड़वे शब्द बोलो या ना बोलो पर

जिस दिन मुझे ऐसा लगेगा कि कोई तुम्हारा

अपमान कर रहा है ना तो मैं

स्वयं तुम्हारे मुख पर

विराजी और मैं खुद जवाब दूंगी तुम्हारे

माध्यम से

इसलिए तुम्हें अपनी तरफ से किसी के साथ

बुरा व्यवहार करने की जरूरत नहीं है

तुम्हारी ये माता रानी तुम्हारे साथ

लगातार है तुम यह बात को स्मरण

रखो जो मेरा दीपक जल रहा है ना वो जब तक

जल रहा है यथासंभव उसे जलने दो उसके लिए

अलग से प्रयत्न करने मत जाओ लेकिन आते

जाते गुजरते जब सुबह शाम तुम्हें लगे कि

हां उस दीपक में तुम्हें थोड़ा और घी डाल

देना चाहिए तो तुम वो करो

और तुम देखो तुमने मेरी ज्योत जलाई और ये

एक ज्योत काफी है जीवन को जगमग कर देने के

लिए मेरी ज्योत की शक्ति तुमने जानी नहीं

है अब तक क्योंकि ऐसा कोई चमत्कार

तुम्हारे साथ नहीं हुआ है लेकिन आगे जो

होगा ना वो मेरी शक्ति मेरी ज्योत की

शक्ति से तुम्हारे जीवन को जगमग सा रोशन

कर देगी तुम देख

लेना

तुमने पूरे हृदय से जो भी तोहफा दिया है

जो भी कपड़े दिए हैं जो भी सामान दिया है

वो बहुत सही है तुम्हारे मन में इस बात का

डर है कि तुमने अपनी तरफ से सब कुछ अच्छा

किया है फिर भी कहीं सामने वाले को कोई

खराब चीज ना पहुंच जाए तो अपने मन से ना

ये सारे डर को बाहर निकाल कर फेंको जब

मेरे भक्त पूरे सच्चे मन से कोई कार्य

करते हैं उनकी रक्षा मैं करती हूं अगर

किसी ने तुम्हें अपमानित करने के लिए कुछ

गड़बड़ भी किया होगा ना फिर भी जब वो सही

इंसान के हाथों में पहुंचेगा तो व सही रूप

में ही पहुंचेगा तुम यह बात स्मरण

रखो और मेरी एक बात ना तुम याद रखना यह

साल बदलाव का साल है बहुत कुछ बदलने वाला

है इस साल तुम अपने पांव पर खड़े हो जाओगे

तुम्ह गर्व होगा अपने होने पर अपने

अस्तित्व पर रोते बहाते रहते हो ना जो

आंसुओ को वो सब बंद हो जाएंगे तुम देख

लेना सब बदलने जा रहा है सा मुझे पता है

तुम्हे अपने परिवार को लेकर बहुत बहुत

ज्यादा कैसे कैसे सब पार लगेगा इस बात की

चिंता है इस साल सब सही हो जाएगा तुम तो

बस मेरे दरबार

खुश

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