काली माँ का संदेश // अब तुम्हारे शत्रु भी मुझसे तुम्हारी जीत की दुआ - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश // अब तुम्हारे शत्रु भी मुझसे तुम्हारी जीत की दुआ

आज का संदेश तुम्हारे लिए बेहद विशेष है

इसलिए इसे अनदेखा मत

करना आज घंटे के एक चमत्कार होगा इसलिए

संदेश केवल तुम तक ही पहुंच पाया

है मेरे बच् चमत्कार बहुत करीब हैं तै जाओ

अपने जीन में खुशियों आगमन लिए

अब तैयार हो जाओ

क्यों ऐसे उदास होकर बैठे हुए हो

प्राकृतिक का वातावरण तो दे दे कितना

पवित्र हो चुका है ठंडी हवा का झोका

तुम्हें स्पर्श करके यह बताना चाहता है कि

तुम कितने विशेष हो इस संपूर्ण ब्राह्मण

के प्यारे बच्चे हो मेरे प्यारे बच्चे

अपने आप को आनंद से भर लो

क्योंकि आज मैं तुम्हें अपना भरपूर प्रेयर

और आशीर्वाद भेज रही हूं इसलिए अगले

घंटों के भीतर तुम जिस चीज जीस वस्तुओं को

सच्चे मन से संकल्प करोगे वह वस्तु

निश्चित रूप से तुम्हारी होगी जब

माता-पिता अपने बच्चों से प्रसन्न होते

हैं तो मैं उन्हें एक एक छोटी सी उपहार

हटकर गए हैं अपने बच्चों पर अपना प्रेम

योछीसी

तुम्हें ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक भाव

में रहना

है ध्यान नृति संगीत कुछ भी जो तुम्हें

भीतर से खुशी ले ले उस चीज को करो अपने

आसपास के सभी नकारात्मक लोग सभी नकारात्मक

चीजों को हटा दो मैं तुम्हारे जीवन को

प्यार से भरना चाहती

हूं क्योंकि तुमने अपने जीवन में बहुत सी

चोटें खाई हैं जिनसे उम्मीद भी तुमने नहीं

की थी वहां से भी तुमने चोट खाई है परंतु

अब मैं तुम्हारे जीवन को प्रेम और प्रकाश

से भरना चाहती

हूं मेरा प्रेम तो सदा ही तुम्हारे साथ

है जल्दी ही खुशियां तुम्हारे द्वार पर

पहुंचने वाली है इसलिए उत्साहित रहो और

चिंता ना करो मेरे बच्चे तुम्हारी एक

शिकायत हमेशा ही रहती है कि मैं तुम्हारी

परीक्षा इतनी क्यों लेती

हूं तुम्हारी परीक्षा आखिर कब तक

चलेगी तुम्हें एक महत्त्वपूर्ण बात बताती

हूं जब मैं तुम्हारी परीक्षा बारंबार लेती

हूं तो खुशियां भी अपरंपार ही

दूंगी यह मेरा वचन

है खुशियों का आगमन होने ही वाला है तो

चलो अब मुस्कुराओ और खुशियों का स्वागत

करो अपने मुंह से हैं उदासी छोड़कर

झूमो नाचो और मुस्कुराओ मेरे बच्चे तुम

अभी तक यह नहीं समझ पाए हो कि जो भी

तुम्हारे साथ हो रहा है

उसके पीछे कोई विशेष कारण

है यह जो कुछ भी हो रहा है उसके पीछे कहीं

ना कहीं तुम्हारी भलाई छुपी हुई है और यही

तैयारी है तुम्हारे आने वाले सुनहरे कल

की शायद अभी तुम्हें कुछ भी ज्ञात होता

नजर नहीं आ रहा हो किंतु तुम्हारा भविष्य

मुझे स्पष्ट दिखाई दे रहा

मेरे बच्चे बहुत ही कार्य के साथ-साथ

तुम्हारी आध्यात्मिक उन्नति भी बहुत

आवश्यक है क्योंकि आध्यात्मिक ही एक ऐसी

सीढ़ी है जिसे चढ़कर व्यक्ति पर अप सुख को

प्राप्त करता है और संसार के हर कष्टों से

मुक्त हो पाता

है तुम्हें भी अलौकिक और आध्यात्मिक दोनों

को अनुसरण कर ते हुए आगे बढ़ना

है तभी तुम अपने वास्तविक उद्देश्य को

प्राप्त कर

पाओगे क्योंकि इस लोक में तुम्हारा जन जन

अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए हुआ

है अध्यात्म की सीढ़ी पर चढ़ना होगा बाबा

इसके बाद तुम्हें सब कुछ अपने आप ही ज्ञात

होता चला जाएगा सदा मुस्कुराते रहो

और अपने जीवन में आगे बढ़ते

रहो मैं तुम्हारे साथ हूं मेरे बच्चे

मुझसे कुछ भी नहीं छिपा

है मेरे बच्चे मैं तुमसे जानना चाहती हूं

तुम्हें साहस कहां से

लाए इसके बाद भी तुम्हारे अपनों ने भी कभी

तुम्हारी अहमियत को नहीं

समझा जब जब तुमने सत्य और धर्म को चुना है

तब तब तुम्हारे अपनों से दूर होने लगा है

और रने को अनेक चुनौतियों का सामना तुम

करते चले गए कभी

गिरे तो कभी समझ ले कभी बहुत मुस्कुराया

तो कभी मुस्कुराने के

पीछे को छुपा लिया परंतु मुझसे तो कभी भी

नहीं छुपा सकते

हो मुझे भी तुम्हारा दर्द महसूस होता

है मेरे बच्चे तुम्हारे सीने में जो छुपा

दर्द है और जो प्रेम है वह दोनों ही मैं

महसूस करती

हूं इसलिए आज मैं यह आशीर्वाद देना चाहती

हूं कि तुम सफल हो गए तुम्हारी जीत

निश्चित

है लाख चुनौतियां तुम्हारे समक्ष क्यों ना

आ खड़ी हो जाए परंतु तुम उन सबको गिराते

हुए सफल

होंगे मेरे बच्चे जीवन में चाहे कुछ भी

करो बस एक बात याद रखना अगर सत्य के साथ

हो तो ईश्वर के साथ

हो क्रोध को प्यार से बुराई को अच्छाई से

स्वार्थ को उदारता से और झूठे व्यक्ति को

सच्चाई से जीता जा सकता

है बस अच्छा काम करते रहो मैं तुम्हारा

साथ कभी भी नहीं

छोडूंगी मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ

है मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना मैं

फिर आऊंगी तुमसे मिलने तुम्हारा कल्याण

हो ओम नम

शिवाय

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