एक तरफ उनका विनाश तो दूसरी तरफ तुम्हारी बहुत बड़ी जीत होगी - Kabrau Mogal Dham

एक तरफ उनका विनाश तो दूसरी तरफ तुम्हारी बहुत बड़ी जीत होगी

मेरे प्रिय बच्चे बेहद ही खास दिव्य ऊर्जा

से भरा हुआ यह संदेश आज तुम्हारे समक्ष

उपस्थित हो रहा

है क्योंकि आज तुम्हारा इस संदेश तक

पहुंचना नियति ने पहले ही लिख दिया

था तुम्हारे खिलाफ बहुत से षड्यंत्र रचे

जा रहे हैं और तुम्हें इन षड्यंत्र का

शिकार होने से बचाने के लिए आज मैं तुम तक

इस संदेश को पहुंचा रहा

हूं बहुत से लोगों ने तुम्हारे साथ

विश्वास घ किया है तुम्हारी आत्मा को चोट

पहुंचाई है बहुत से ऐसे लोग

हैं जो तुम्हारे पीठ पीछे बहुत अधिक

खतरनाक षड्यंत्र रच रहे हैं वह इन

षड्यंत्र के माध्यम से तुम्हें फसाना

चाहते

हैं और मैं तुम्हें इनसे बचाने वाला हूं

इसलिए तुम्हें हर हाल में इस संदेश को

पूर्णत अंत तक सुनना है चाहे कुछ भी हो

जाए चाहे कोई विपत्ति ही क्यों ना आ जाए

तब भी तुम्हें किसी भी परिस्थिति में इस

संदेश को अनदेखा करने की इस संदेश को बीच

में छोड़कर जाने की भूल नहीं करनी

है इसे हर हाल में पूर्णता अंत तक तुम्हें

सुनते जाना है मेरे प्रिय बच्चे जिन

व्यक्तियों ने तुम्हारे साथ विश्वास घात

किया तुम्हें दुख दिया तुम्हारी आत्मा को

चोट पहुंचाई अब उनके बुरे दिन शुरू हो गए

हैं उनके कर्मों का लेखा जोखा शुरू हो गया

है तुम्हारे साथ उन्होंने जो किया है उसका

उन्हें हिसाब देना होगा मेरे प्रिय उन्हें

उनके कर्मों का भयंकर दंड मिलने वाला

है जो तुम्हें रुलाकर बहुत खुश है बहुत

शानदार जीवन जी रहा है वह अब अपने कर्मों

का फल भुगते

का अब उसके पाप का घड़ा भर चुका

है कोई भी तुम्हें प्रताड़ित करके

तुम्हारे पीठ पीछे मंत्र मुक्त खुशनुमा

जीवन नहीं जी सकता क्योंकि यह नियति को

कभी मंजूर ही नहीं

है निर्णय न्याय यह ऐसी ची जो करुणा से

भरी हुई होती है तभी इनका एक महत्व होता

है लेकिन जब मनुष्य न्याय को पूरी तरह से

डर को निकाल देता है तब उसका पतन

सुनिश्चित हो जाता

है तब उसे कोई भी बचा नहीं सकता है इस

संसार में चाहे कितनी ही ताकत क्यों ना आ

जाए चाहे ब्रह्मांड की समस्त ताकत एक होकर

उसके समर्थन में क्यों ना लग

जाए तब भी उसका बचाव नहीं कर सकती क्योंकि

मैं नियत

मैं ही प्रकृति

हूं और मैं जब चाहूं तब इसे बना सकता हूं

जब चाहूं तब इसका विनाश कर सकता

हूं तुम्हारी नजरों में यह एक क्रमिक

प्रक्रिया

होगी लेकिन वास्तव में यह मेरे लिए छड़ भर

की घटना मात्र

है मैं एक चुटकी में इस संसार को बना सकता

हूं बिगाड़ सकता हूं यह तुम्हारी नजर का

धोखा

होगा यह तुम्हें वर्षों की प्रक्रिया नजर

आ सकती है वस्तुत यह समय काल से परे की

घटना

है मेरे प्रिय तुमने मुझसे शिकायत की थी

कि जो गलत कारी करते

हैं तुम्हारे साथ अनुचित व्यवहार करते हैं

वह सुख में जीवन व्यतीत कर रहे

हैं वह ऐसा जीवन जी रहे हैं जिसको आमजन

बेहतर और दौलतमंद जीवन कहते

हैं लेकिन तुम जो कि सच्चे हृदय के मनुष्य

हो तुम्हारे गलत व्यवहार होकर

भी तुम्हें वह जीवन प्राप्त नहीं हो पा

रहा जो वास्तव में तुम्हें प्राप्त होना

चाहिए लेकिन प्रिय मैं उन्हें भयंकर दंड

देने वाला

हूं मेरे प्रिय बच्चे वह सभी लोग तुम्हें

रुलाकर कभी खुश नहीं हो सकते

हैं तुम्हें रुलाकर तुम्हारे साथ बुरा

बर्ताव करके वह सुख को प्राप्त नहीं कर

सकते

हैं तुमने लोगों पर भरोसा किया उनसे प्रेम

किया उनसे अपना पन दिखा फिर भी उन्होंने

तुम्हें धोखा

दिया तुम्हारे साथ बुरा बर्ताव किया

तुम्हें ऐसा घाव दिया जिसका दर्द तुम्हें

आज भी चुप रहा

है और वह सभी लोग जो तुम्हारे साथ गलत कर

रहे हैं वह आनंद से अपना जीवन जी रहे

हैं जिन्होंने तुम्हारे साथ अन्याय किया

वह प्रसन्नता से भरा जीवन जी रहे हैं

लेकिन यह सदा के लिए नहीं

होता और उन्हे अपने कर्मों का ऐ सा फल

भुगतना पड़ता है कि वह जीवन भर यह सोचकर

पस जाते हैं कि आखिर उनसे ऐसी क्या भूल हो

गई और वह अपनी भूल को भी जान नहीं पाते

हैं वह तड़प तड़प कर ही रह जाते हैं मैं

नहीं चाहता कि किसी भी मनुष्य को ऐसा जीवन

जीना पड़े लेकिन यह नियति का नियम

है यह प्रकृति का नियम है कि जो अन्याय का

साथ देता है जो अन्याय की क्रियाओं में

लिप्त रहता

है उसे अपने कर्मों का बुरा फल भुगतना ही

पड़ता है अपने पापों का प्राश करने के लिए

उसे बहुत से जन्म लेने पड़ते

हैं और बहुत से जीवन में दुखों का सामना

करना पड़ता है वह जो तुम्हारे साथ गलत

व्यवहार कर चुका है वह जिसने तुम्हें कष्ट

दिया

है वह मूर्ख बहुत ही अहंकारी है और दिन

प्रतिदिन उसकी उडता बढ़ती जा रही

है वह यह नहीं समझ पा रहा कि उससे कितनी

बड़ी भूल हो रही है इसके इतर वह स्वयं को

बुद्धिमान चतुर चालाक समझ रहा

है उसे भ्रम हो गया है कि वह किसी का भी

जीवन बर्बाद कर सकता है किसी की भी

भावनाओं से खेल सकता

है उसे भ्रम हो गया है कि उसके पाप को कोई

देख नहीं रहा है वास्तव में वह अपने पाप

को पाप समझता ही नहीं है वास्तव में उसे

अपने होने का इतना घमंड

है इतना अहंकार है कि उसकी पूरी रोशनी

उसका पूरा आभा मंडल ल कालीन से भर चुका है

वह काले कोयले से ज्यादा कुछ भी नहीं

है लेकिन मेरे प्रिय उसका यह भ्रम मैं

बहुत जल्द तोड़ने वाला हूं उसने ना केवल

तुम्हारा बल्कि बहुत से लोगों का जीवन

बर्बाद करने का प्रयत्न किया

है उसे बहुत से लोगों का श्राप लगा है वह

बहुत से लोगों को सताना चाहता है और स्वयं

को श्रेष्ठ मान बैठा है मेरे प्रिय ऐसे

मनुष्य को इतना श्राप मिलता है कि वह जाकर

भी अपने कई जन्मों के जीवन को सुधार नहीं

कर सकता

है जो दूसरों को चोट पहुंचाता है उसका काल

चक्र घूमता ही रहता है उसकी हंसी कब विलाप

में बदल जाती है वह यह जान ही नहीं पाता

है मेरे प्रिय एक एक करके अब उसके सारे

कर्म उसके सामने आएंगे अब उसे वह दर्द भी

सहना होगा जिसकी उसने गलती नहीं की है

क्योंकि यह क्रमिक होता

है इसलिए जब यह प्राप्त होता है तो यह कई

गुना ज्यादा बढ़कर प्रा होता है और इस

संसार में तुम जो भी बांटते हो वस्तुतः

तुम्हें वही प्राप्त होता है फिर चाहे वह

ईर्षा हो नफरत हो किसी के लिए द्वेष हो

किसी के लिए बुराई हो चाहे वह इसके विपरीत

प्रेम हो किसी के लिए करुणा हो दया हो या

फिर धन

हो मनुष्य इस संसार में जो भी बांटता है

वह उसे कई गुना ज्यादा करके प्राप्त करता

है मेरे प्रिय जो अहंकार में जी रहा है

वास्तव में वह अहंकार में ही जीता

जाएगा उसे अह करने के और भी ज्यादा अवसर

मिलेंगे क्योंकि वह उन्हीं चीजों को

निर्मित कर रहा है तुम यदि धन को प्राप्त

करना चाहते हो तो तुम्हें धन की इतनी भूख

होनी

चाहिए कि तुम्हें सर्वत्र धन ही धन दिखाई

दे यदि तुम प्रेम को प्राप्त करना चाहते

हो तो तुम्हारे भीतर प्रेम को लेकर इतनी

भूख होनी चाहिए कि तुम्हें सर्वत्र प्रेम

ही प्रेम दिखाई

दे तुम जिस चीज की चाहत करते हो उसको इतनी

सिद्धत से तुम्हें चाहना चाहिए कि तुम हर

तरफ बस वही नजर

आए क्योंकि यहां इस संसार में सब कुछ पहले

से ही निर्मित है और इस संसार में विचरण

कर रहा है एक मनुष्य जो कि भूखा हो उसे

राह में चारों तरफ केवल भोजन ही दिखाई

देता

है एक मनुष्य जिसको इतनी भूख लगी हो कि

उसे भूख के सिवाय कुछ नजर ना आए उसे हर

जगह अपना भोजन स्पष्ट नजर आने

लगेगा इसी तरह काम वासना से भरा हुआ

मनुष्य केवल विपरीत लिंग को ही देखता

जाएगा केवल उसे ही आकर्षित करेगा फिर चाहे

कितने ही मनुष्य राह पर क्यों ना चल रहे

हो उसकी दृष्टि कहीं और जाएगी ही

नहीं इसी तरह धन को पूरी सिद्धत से चाहने

वाला चारों तरफ धन ही धन देखेगा धन के

अवसर देखेगा धन की नदियां बहाए वह उन्हें

देखेगा वास्तव में इस संसार में सब कुछ

उपलब्ध है यह वस्तुतः चाहने वाले की

दृष्टि पर निर्भर करती

है कि उसे क्या दिखाई पड़ेगा एक मनुष्य जो

केवल शिकायतें करता रहता है उसे शिकायत

करने के और भी अवसर हासिल होंगे क्योंकि

उसे हर तरफ शिकायत ही शिकायत दिखाई

देगी एक मनुष्य जो प्रेम व अपना जीवन आधार

मान बैठा है उसे जीवन में सदैव प्रेम के

अवसर मिलेंगे उसे चारों तरफ प्रेम ही

प्रेम दिखाई

देगा मेरे प्रिय मैं जानता हूं कि जिसने

तुम्हारे साथ बुरा बर्ताव किया है वह

क्रोध में कुछ भी कर सकता

है उसका क्रोध इतना ज्यादा है कि वह अपने

क्रोध को संतुष्ट करने के लिए अपने अहंकार

को भली भूत करने के लिए अपने अहंकार को

तृप्त करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता

है मेरे प्रिय घमंड मनुष्य को कहीं का

नहीं छोड़ता इस संसार में जितने भी जीव

हुए हैं और उनमें से जो बहुत ज्यादा

अहंकारी रहे हैं उनका अहंकार इस कदर चूर

हुआ है कि वह पूरी तरह से धराशाई हो गए

हैं

मेरे प्रिय वह मनुष्य स्वयं को परम ज्ञानी

समझने लगा है सब पर अपनी शक्तियों का

प्रदर्शन कर रहा है उसकी जिद के आगे तो

उसका परिवार भी मौन हो जाता

है इसलिए उसे लगने लगा है कि सभी उसका

सम्मान करते हैं उसे लगने लगा है कि सब

उससे भयभीत होते हैं और अपने इसी अहंकार

में वह मूर्ख अपना सब कुछ बर्बाद कर रहा

है कुछ ऐसे लोग हैं जो उसे बेहतर प्रेम

करते हैं उसकी खुशी के लिए उसके हर निर्णय

को स्वीकार कर लेते हैं लेकिन प्रेम की

कद्र करना वास्तव में उसके स्वभाव में ही

नहीं

है अपने परिवार के साथ भी वह वही बातें

करता है जो उसने तुम्हारे साथ किया जो

अन्य जनों के साथ किया और यहीं से उसने

अपने विनाश को आकर्षित कर

लिया और यह विनाश उसे इस तरह से दिखाई

पड़ेगा उसके दृष्टि में इस तरह से

प्रदर्शित होगा कि उसके आंसू पोछने वाला

भी कोई नहीं होगा मैं नहीं कहता कि मैं

ऐसा चाहता

हूं मेरे प्रिय मैं यह भी जानता हूं कि

तुम ऐसा नहीं चाहते हो लेकिन वास्तव में

यह न्याय है यह यति का न्याय है नयति के

न्याय में करुणा भी होती है और कठोरता भी

होती

है यह मनुष्य के गुणधर्म गुण और दोष पर

निर्भर करता है कि उसके साथ क्या घटित

होगा उसने बहुत से लोगों का उपहास उड़ाया

है बहुत बार अपमानित किया

है लेकिन अब वो घड़ी आ गई है जब वह

तुम्हारे दर्द को भी महसूस करें जितनी

पीड़ा तुमने सही है उससे कई गुना ज्यादा

पीड़ा उससे प्राप्त

होगी मेरे प्रिय उसके जीवन में एक व्यक्ति

काल का रूप लेकर प्रवेश कर चुका है जो

उसके जीवन को तबाह कर देगा इस समय वह खुद

को भाग्यशाली समझ रहा

है वह संपन्न समझ रहा है लेकिन वह इस बात

से पूर्णत अनजान है कि अब वास्तव में उसकी

कंगाली का समय आ गया है मेरे प्रिय वह

वक्त बहुत करीब है जब उसे तुम याद

आओगे तुम्हारे साथ किया गया एकएक धोखा उसे

याद आएगा वह बहुत पछताएगा वह मन ही मन

तुमसे माफी मांगेगा वह तुमसे खुलकर अपनी

माफी कह भी ना

सकेगा उसकी बातें उलझी हुई होगी मैं जानता

हूं कि तुम उसे माफ कर दोगे लेकिन यह अवसर

नहीं आएगा क्योंकि यह नियति की नियम है

जिसके तहत उसे दुख झेलना ही

पड़ेगा

जिसके तहत उसे पीड़ा सहनी ही पड़ेगी मेरे

प्रिय उसे माफी नहीं मिल सकती अब उसे अपना

संपूर्ण जीवन दुख और पछतावे में बिताना

पड़ेगा उसने ऐसा पाप किया है जिसके लिए

उसे दंड मिलेगा किसी मनुष्य के स्वतंत्रता

को छीन लेना उसे अपमानित करके उसके भीतर

कुंठा को भर देना यह बहुत बड़ा पाप

है और वह इस पाप का दोषी है और अपने दोष

के तहत उसे यहां सब कुछ झेलना पड़ेगा मेरे

प्रिय इसी तरह से उसके अहंकार का नाश

होगा और जब उसके अहंकार का नाश होगा तभी

उसके कर्म बंधन सफल हो पाएंगे जब उसके

अहंकार का नाश होगा तभी वह अपने कर्म

बंधनों से मुक्त हो

पाएगा तभी उसके भीतर दिव्य ज्योति की

चिंगारी पनपे गी क्योंकि ऐसा होना

महत्त्वपूर्ण है इसलिए यह कोई गलत कार्य

नहीं

है इसलिए तुम्हें किसी भी तरह के पछतावे

की आवश्यकता नहीं है मेरे प्रिय यह तो उसे

सुधारने के लिए किया जा रहा है और यह उसके

लिए आवश्यक

है मेरे प्रिय जहां एक तरफ उसके अहंकार का

नाश होगा तो वहीं दूसरी ओर तुम्हारे जीवन

में प्रेम का आगमन होगा अनंत खुशियों का

प्रवेश

होगा तुम्हारा संपूर्ण जीवन सुख शांति से

परिपूर्ण होगा मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है तुम्हें खुश रहना होगा तुम्हारा कल्याण

इस संसार में सदैव होता रहेगा प्रिय बच्चे

एक बहुत बड़ा उद्देश्य पूरा करने के लिए

ही तुम्हें यह जीवन मिला है और उस

उद्देश्य को पूरा किए बिना तुम इस संसार

से विदा नहीं ले

सकते उस उद्देश्य को पूरा किए बिना

तुम्हें दुखी होकर जीवन जीना नहीं होगा

प्रिय बच्चे तुम्हें यह जीवन दुखी होने के

लिए मिला ही नहीं है तुम्हारे भीतर बहुत

बड़ा बदलाव होने वाला

है तुम ऐसी परिस्थिति से गुजरने वाले हो

जिसके बाद तुम्हारा जीवन पूर्णतः बदल

जाएगा ना केवल तुम्हारे विचार बल्कि

तुम्हारे जीवन की रूपरेखा ही बदल

जाएगी कुछ ऐसी चीजें भी तुम्हें प्राप्त

होंगी जो अविश्वसनीय नहीं होंगी और यही

कारण है कि तुम्हें आज यह संदेश प्राप्त

हो रहा है यह प्रमाणिकता है तुम्हारे

पुण्य आत्मा होने

की यह प्रमाणिकता है कि तुम एक आदर्श

दिव्य आत्मा हो और तुम अपने उद्देश्य के

राह में बढ़ चले हो प्रिय बच्चे तुम्हारा

मन उलझन में कई बार जाता

यदि किसी भी कार्य को लेकर बार-बार

तुम्हारे मन में उलझन आ रहा है तो तुम्हें

घबराना नहीं है क्योंकि यह सब लक्षण है कि

अब तुम्हें अपने राह को अपने मार्ग को

बदलने वाले

हो और ऐसे मार्ग पर चलने वाले हो जिस

मार्ग पर चलकर तुम्हें बहुत कुछ प्राप्त

होगा जब यह सत् मार्ग मनुष्य के जीवन में

आता है जहां से वह या तो पतन को जाता

है या तो प्रगति को जाता है तो उसके मन

में विभिन्न प्रकार के उलझन उसके मन में

विभिन्न प्रकार के निराशा एं छा जाती है

लेकिन यही वह पल है जिससे उसे आगे आना

होता

है और इन क्षणों में उसे घबराने की

आवश्यकता नहीं होनी चाहिए और मैं आज

तुम्हें यही बताना चाहता हूं कि तुम्हें

भी इन पलों में इन क्षणों में घबराना नहीं

है तुम्हें किसी भी तरह से चिंतित नहीं

होना है तुम्हारे जीवन में अलग-अलग दैवीय

शक्ति तुम्हारी मनोकामना को पूर्ण कर

और ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तुम एक सच्चे

दिव्या आत्मा

हो और तुम्हारी प्रार्थनाएं में बहुत ताकत

है अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए

तुमने सदा ही प्रार्थनाएं की है मेरे

प्रिय तुम्हारे हृदय में जब जब तुमने

विश्वास को जागृत किया

है तब तब तुमने महसूस किया है तुम्हारे

भीतर कुछ उतर रहा है तुम्हारे भीतर कुछ

समा रहा है और अब वह समय आ गया है जब तुम

उसे पूर्णत सकारात्मक रूप में देख स

जब तुम शक्तियों को सकारात्मक और सक्षम

रूप से महसूस कर सको तुम्हारे साथ जो घटना

बार-बार घट रही है उसके पीछे कारण नहीं था

और तुम्हें उस कारण को जांचना

है तुम्हें उस कारण को समझना है तुम्हारा

सोचा हुआ कार्य पूर्ण होगा इसलिए मेरे

बच्चे मैं तुम्हें यह बताना चाहता हूं कि

तुम्हें हर हाल में सकारात्मकता ही सोचने

चाहिए क्योंकि तुम ऐसे ऊर्जा क्षेत्र के

केंद्र में हो जहां से तुम्हारी सोच और

तुम्हारी सोच में तुम्हारी वास्तविकता को

जन्म

देंगी जब तुम घबराहट से भरे रहोगे तो ऐसी

ही परिस्थिति और भी ज्यादा बन जाएंगी

इसलिए मैं नहीं चाहता कि किसी भी

परिस्थिति में तुम्हारे भीतर घबराहट पैदा

हो इसलिए तुम्हें अपने सोचे हुए कार्य को

पूर्ण करना है और अपने सोचे हुए कार्य को

पूर्ण करने के लिए तुम्हें सदैव सकारात्मक

रहना होगा

तुम्हें केवल वह बातें सोचनी होंगी जो तुम

अपने जीवन में घटित होते हुए देखना चाहते

हो कुछ कल्पनाएं ऐसी भी है जो तुम्हारे

वास्तविक जीवन

से तुम्हारे वर्तमान जीवन से भी मेल नहीं

खाती लेकिन तुम्हें उससे घबराना नहीं है

और तुम्हें उसे छोड़ना भी नहीं है तुम्हें

यह स्वीकार कर लेना है कि तुम कैसे

हो तुम्हें पूर्णता अपने अंदाज में जीवन

को जीना है तुम्हें किसी दूसरे के दबाव

में किसी दूसरे के कहे अनुसार अपना जीवन

जीने की आवश्यकता नहीं

है मेरे प्रिय तुम बहुत तेज भाग रहे हो

तुम्हें थोड़ा सा अपने गति को धीमा करने

की आवश्यकता है थोड़ा विश्राम करने की

आवश्यकता

है यह वही समय है जब तुम्हें वास्तविक रूप

से विचार विमर्श करना होगा और ठहर कर अपने

बारे में सोचना होगा जिन लोगों ने

तुम्हारे साथ बुरा बर्ताव किया

है मैं उन्हें उनके कर्मों की सजा दे रहा

हूं लेकिन तुम्हें अपने जीवन को किसी भी

हाल में बर्बाद नहीं होने देना है अपने

जीवन को सदैव सही दिशा में लेकर चलते रहना

है तुम्हें बहुत सी मान्यताओं को तोड़ना

भी है इसलिए घबराओ मत और सही मार्ग पर

चलते जाओ जिन लोगों को तुम्हारी कमियां

नजर आती हैं उन्हें अपनी भी कमियां दिखाई

देंगी जिन लोगों को तुम्हारी गलतियां नजर

आती हैं उन्हें अपने जीवन में ब बत से

पछतावे करने पड़ेंगे क्योंकि उनकी नजरें

उचित नहीं

है मेरे प्रिय तुम पर मेरा आशीर्वाद है और

जिस पर मेरा आशीर्वाद होता है उसे कोई भी

पराजित नहीं कर सकता

है इसलिए तुम इस बात का भय त्याग दो कि

तुम्हारे साथ कुछ भी बुरा होगा या कोई

तुम्हारे साथ कुछ भी अनुचित कर सकता

है इस तरह के भय को पहले ही अपने मन से

निकाल दो इस तरह के भय का तुम्हारे जीवन

में कोई भी महत्व नहीं होना चाहिए तुम

केवल शांति से अपना जीवन जीते

रहो ना मैं तुमसे कह रहा हूं कि तुम किसी

लक्ष्य के प्रति समर्पित हो जाओ ना मैं

तुमसे कह रहा हूं कि किसी अन्य उद्देश्य

के प्रति समर्पित हो

जाओ मैं केवल इतना कह रहा हूं कि सहजता से

अपना जीवन जीते जाओ सहजता से जीवन जीने का

अर्थ है कि तुम अनावश्यक चीजों की चाहत

त्याग

दो साथ जो तुम्हारे लिए आवश्यक है उसे

बेहतर से बेहतर पाने का विचार करो मेरे

प्रिय सार्थक और सहज जीवन जीने का अर्थ यह

है कि तुम्हें अपने जीवन में केवल अपने आप

से मतलब रखना है बेवजह किसी और के जीवन

में हस्तक्षेप करने की भूल मत

करो किसी और के जीवन और निर्णय से

तुम्हारा कोई संबंध नहीं होना चाहिए और

तुम जो कार्य कर रहे हो उसे यूं ही करते

जाओ तुम्हें किसी भी तरह का दबाव अपने मन

मस्तिष्क पर नहीं डालना है क्योंकि ऐसा

करने से तुम केवल अपनी ही हानि

करोगे इसलिए मेरे प्रिय चाहे कोई भी

परिस्थिति हो चाहे कैसे भी विचार क्यों ना

उत्पन्न होते हो तब भी तुम्हें भयभीत नहीं

होना है तब भी तुम्हें विचलित नहीं होना

है किसी भी हाल में तुम्हें घबराना नहीं

है और एक बात सदा याद रखना कि चाहे यह

संपूर्ण संसार चाहे यह समस्त ब्रह्मांड

तुम्हारे विपक्ष में क्यों ना हो जाए

चाहे कोई तुम्हारा साथ दे या बिल्कुल ना

दे मैं सदैव तुम्हारे साथ रहूंगा तुम्हारी

परछाई बनकर तुम्हारा साया बनकर सदा

तुम्हारे साथ हूं मेरे

प्रिय मेरे आने वाले संदेशों की प्रतीक्षा

करना मैं पुनः आऊंगा तुम्हारा मार्ग दर्शन

करने तुम्हें जीत के मार्ग पर ले जाने के

लिए सदा सुखी रहो तुम्हारा कल्याण होगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *