अमेरिका के कच्चे तेल रोक पहला देश बना | India Became first to Stop Oil Supply from America | India - Kabrau Mogal Dham

अमेरिका के कच्चे तेल रोक पहला देश बना | India Became first to Stop Oil Supply from America | India

तो अमेरिका ने भारत के खिलाफ जो चाल कुछ
महीने पहले चली थी अब उल्टा उसी पर भारी
पड़ती हुई नजर आ रही है क्योंकि अब भारत
की तरफ से अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले

कच्चे तेल पर पूरी तरह से रोक लगा दिया
गया है जिससे अमेरिका भारत में कच्चे तेल
को नहीं भेज पा रहा है और यूनाइटेड स्टेट
जो अभी तक भारत में भारी भरकम मात्रा में

कच्चा तेल बेच कर के मुनाफा कमा रहा था अब
उसको भारी मात्रा में नुकसान उठाना पड़
रहा है जहां पिछले कुछ महीने पहले अमेरिका
और सऊदी अरब जैसे देश मिलकर कच्चे तेल की

कीमतों को बढ़ाने में लगे हुए थे उनकी यह
कोशिश उल्टा उन्हीं के ऊपर भारी पड़ चुकी
है और भारत ने यूनाइटेड स्टेट से कच्चे
तेल को ना इंपोर्ट करने का फैसला ले लिया

है और अब वेनेजुएला के ऊपर लगाया गया
सैंक्शन हट चुका है जिससे वह भारत को
सस्ते दामों में कच्चा तेल बेचने के लिए
तैयार है पूरी अपडेट क्या है इस वीडियो
में समझते हैं लेकिन वीडियो में आगे बढ़ने

से पहले भारत की तरफ से लिए गए इस शानदार
फैसले के लिए वीडियो को एक लाइक करके चैनल
को सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा वैसे देखा जाए
तो भारत ज्यादातर क्रूड ऑयल ओपेक और ओपक
प्लस कंट्री से खरीदता है जिसमें कतर यूएई

सऊदी अरब और अमेरिका समेत मिडिल ईस्ट के
कुछ देश शामिल हैं यहां तक कि रशिया से भी
क्रूड ऑयल परचेस किया जाता था लेकिन बीच
में रशिया के ऊपर पर कुछ सेक्शंस लगाए

जाने के कारण भारत रूस से टेल इंपोर्ट
नहीं कर पा रहा था लेकिन जब रूस और
यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ तो रूस ने
भारत को सस्ते दामों में कच्चा तेल खरीदने
का ऑफर दिया क्योंकि उस समय रूस को युद्ध

लड़ने के लिए काफी ज्यादा पैसों की जरूरत
थी और रूस के द्वारा भारत को दिए जाने
वाले इस ऑफर का फायदा हुए भारत ने भारी
भरकम मात्रा में सस्ते दामों में रूस से
कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया और आपको

जानकर हैरानी होगी कि रूस से खरीदे गए
कच्चे तेल को रिफाइंड करके भारत ने
यूरोपीय देशों में डीजल और पेट्रोल को
बेचना शुरू कर दिया जिसमें भारत को काफी

ज्यादा मुनाफा भी हुआ और यूरोपीय मार्केट
में पांव जमाने का मौका भी भारत को मिल
गया और आपको बता दें कि पिछले साल 2023
में हमने लगभग

49.6 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया
जिसमें सबसे ज्यादा क्रूड ऑयल केवल रूस
द्वारा खरीदा गया है और पिछले साल भारत के
लिए रूस सबसे बड़ा कच्चा तेल एक्सपोर्टर

कंट्री था और इसी बीच जब भारत रूस से
सस्ते दामों में कच्चा तेल इंपोर्ट कर रहा
था तो मिडिल ईस्ट के सभी देशों समेत
यूनाइटेड स्टेट सऊदी अरब और यूएई जैसे देश

मिलकर कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाने में
लगे हुए थे और यूनाइटेड स्टेट चाहता था कि
भारत जो सस्ते दामों कच्चा तेल इंपोर्ट कर
रहा है उसकी कीमत बढ़ाई जा सके जिसके लिए

इन कंट्रीज ने ने कच्चे तेल के प्रोडक्शन
को कम करने का फैसला लिया जिसके बाद सऊदी
अरब और यूनाइटेड स्टेट ने मिलकर कच्चे तेल
को कम मात्रा में प्रोड्यूस किया लेकिन

फिर भी कच्चे तेल की कीमतों को कंट्रोल
नहीं कर पाए और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने
की बजाय और भी ज्यादा कम हो गई क्योंकि
रूस ऑलरेडी भारत को सस्ते दामों में कच्चा
तेल बेच रहा था और उसके बाद सऊदी अरब और

यूएई ने भी अपने कच्चे तेल के प्रोडक्शन
को दोबारा से बढ़ाना शुरू कर दिया यहां तक
कि वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों के ऊपर
से सैंक्शंस हट जाने के कारण यह देश भी

दोबारा से कच्चे तेल के मार्केट में उतर
रहे हैं और यह देश पहले भी भारत को सस्ते
दामों में क्रूड आयल का एक्सपोर्ट करता था
लेकिन अमेरिका के द्वारा प्रतिबंध लगाए
जाने के कारण अभी तक यह देश भारत को कच्चा

तेल नहीं बेंच पा रहा था और अब देखा जाए
तो अमेरिका ने जो चाल चली थी वह उल्टा उसी
के ऊपर भारी पड़ चुकी की है क्योंकि
यूनाइटेड स्टेट के द्वारा भारत में क्रूड
ऑयल के इंपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर

दिया गया है और पिछले कुछ सालों में देखा
जाए तो अमेरिका भारत में कच्चे तेल की
आपूर्तिकर्ताओं में से पांचवां सबसे बड़ा
कंट्री था जहां पिछले साल 2023 में 205000

बैरल प्रतिदिन के हिसाब से कच्चा तेल
खरीदा गया है और भारत में अमेरिका से
कच्चे तेल के इंपोर्ट को बंद करने के बाद
अमेरिका को कितनी दिक्कतों का सामना करना

पड़ेगा इसका अंदाजा आप लोग भलीभांति लगा
सकते हैं और भारत ने अमेरिका के साथ जो
किया है उसको अमेरिका सदियों तक याद रखेगा
क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी देश

ने अमेरिका से कच्चे तेल को खरीदने पर रोक
लगाया हो वैसे देखा जाए तो भारत की तरफ से
भी डायरेक्टली कच्चे तेल के इंपोर्ट पर
रोक नहीं लगाया गया है इसके लिए लाल सागर

में होती विद्रोहियों के अटैक का कारण
बताया जा रहा है जिसके के साथ-साथ अमेरिका
से क्रूड ऑयल इंपोर्ट करने की बजाय बेस्ट
एशियन कंट्रीज से किया जा रहा है और पिछले

एक डेढ़ महीने में रेड सी क्राइसिस की वजह
से रशिया और अमेरिका से आने वाले शिप के
रूट डिस्टर्ब हो चुके हैं जिसके कारण वैसे
भी अमेरिका और रशिया से भारत में कच्चे

तेल का इंपोर्ट बहुत ही कम हो गया है
लेकिन भारत के लिए अच्छी बात यह है कि
भारत में इन देशों से ज्यादा सस्ते दामों
में कच्चे तेल का इंपोर्ट इराक यूएई और

सऊदी अरब जैसे देशों से किया है और पिछले
महीने जनवरी में हमने सबसे ज्यादा इराक से
कच्चे तेल को खरीदा है अगर इराक की बात की
जाए तो यह एक मुस्लिम देश है जो कि

पाकिस्तान और भारत दोनों का काफी अच्छा
दोस्त है लेकिन जब बात भारत और पाकिस्तान
के बीच हो तो इराक ने पहले भी भारत की बढ़

चढ़ करके मदद की है और इराक की इकोनॉमी
चीन से भी ज्यादा मजबूत है यानी कि इराक
का भारत के साथ हाथ मिलाना भारत के लिए
काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकता है जहां

भारत और इराक के बीच के ट्रेड रिलेशंस
पहले से भी काफी अच्छे रहे हैं जिसमें
पिछले साल 2023 में इराक और भारत के बीच
लगभग 37 बिलियन डॉलर का बायलट ट्रेड किया

गया है जबकि इस साल यानी कि 2024 में जिस
तेजी के साथ भारत और ईरान के बीच ट्रेड
होना शुरू हुआ है उससे इस साल यह कई गुना
ज्यादा बढ़ने वाला है और कमाल की बात यह

है कि भारत में जो क्रूड ऑयल ईरान से
खरीदा जा रहा है उसकी कीमत रूस से खरीदे
जाने वाले कच्चे तेल से कम है जिससे भारत
में और भी ज्यादा सस्ते दामों में कच्चा

तेल इंपोर्ट करके यूरोप जैसे देशों में
डीजल और पेट्रोल का एक्सपोर्ट किया जा
सकेगा और देखा जाए तो रूस ने डीजल और
पेट्रोल को बेचने पर सेक्शंस लगा दिया है

जिससे यूरोपीय मार्केट में इंडियन कंपनी
से एक्सपोर्ट होने वाले डी डीजल और
पेट्रोल की डिमांड बढ़ चुकी है इसके अलावा
अगर ध्यान दिया जाए तो वेनेजुएला और ईरान

के ऊपर से भी अमेरिका द्वारा लगाए गए
सैंक्शंस कुछ महीने पहले हटा लिए गए थे
जिससे वेनेजुएला और ईरान भी भारत को सस्ते
दामों में कच्चा तेल खरीदने का ऑफर दे
चुके हैं यानी कि कुल मिलाकर अभी तक

अमेरिका जैसे देश वेनेजुएला और ईरान के
मार्केट में ना होने का फायदा उठाकर जो
महंगे दामों में कच्चा तेल बेचते थे अब
उनकी चालबाजी पूरी तरह से बंद हो चुकी है
यही नहीं इसके अलावा कुछ दिन पहले रेड सी

क्राइसिस की वजह रशिया से खरीदे जाने वाले
कच्चे तेल पर भी रोक लगा दिया गया था और
नेचुरल गैस को देखा जाए तो नेचुरल गैस के
लिए भी कतर भारत को ओफर दे चुका है जिसमें

भारत की एक कंपनी द्वारा 78 मिलियन डॉलर
की डील फाइनल की गई है जहां 20 सालों तक
कतर भारत में नेचुरल गैस एक्सपोर्ट करेगा
यानी कि कुल मिलाकर भारत को नेचुरल गैस और

कच्चे तेल के इंपोर्ट के लिए पहले से कम
कास्ट चुकानी पड़ेगी जिससे इंडियन मार्केट
में डीजल और पेट्रोल के साथ-साथ एलपीजी के
दाम कम हो सकेंगे बाकी आप लोगों का इसके
बारे में क्या सोचना है अपनी राय कमेंट

में जरूर बताएं और भारत के द्वारा लिए गए
इस शानदार फैसले के लिए वीडियो को एक लाइक
करके अपने दोस्तों तक शेयर जरूर करें ताकि
उन्हें भी जानकारी मिल सके साथ ही इसी तरह
और भी जानकारी से जुड़ी वीडियो देखने के

लिए चैनल को सब्सक्राइब करके बेल
नोटिफिकेशन को ऑल पर जरूर सेलेक्ट करें जय
श्री राम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *